मथुरा में ऑनलाइन प्रवचन की आड़ में शोषण का आरोप, IIT से पढ़े युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे कथित बाबा को गिरफ्तार किया है, जिस पर ऑनलाइन आध्यात्मिक प्रवचन और गीता ज्ञान की आड़ में युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनका कथित रूप से शोषण करने का आरोप है। मामले के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और सोशल मीडिया पर भी यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अभिषेक मिश्रा (29 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक उसने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और एक प्रतिष्ठित कंपनी में करीब 20 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर कार्यरत था। बाद में उसने नौकरी छोड़कर साधु वेश धारण कर लिया और अपना नाम ‘आदिकर्ता नारायण दास’ रख लिया।
सोशल मीडिया के जरिए बनाता था संपर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब पर धार्मिक प्रवचन, गीता ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े वीडियो प्रसारित करता था। उसके प्रवचनों को बड़ी संख्या में लोग देखते थे। पुलिस का आरोप है कि इसी माध्यम से वह पढ़ी-लिखी और विभिन्न कंपनियों में कार्यरत युवतियों से संपर्क स्थापित करता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी स्वयं को आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रस्तुत कर लोगों का विश्वास जीतता था और फिर चयनित महिलाओं को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और विशेष आध्यात्मिक साधना का हवाला देकर अपने संपर्क में रखता था।
राधाकुंड स्थित ठिकाने पर बुलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवतियों को मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र स्थित अपने ठिकाने पर बुलाता था। आरोप है कि वहां उन्हें धार्मिक अनुष्ठान, ध्यान साधना और आध्यात्मिक उन्नति का हवाला दिया जाता था। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि कुछ पीड़िताओं को प्रसाद या दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया, जिसके बाद उनके साथ दुष्कर्म और शोषण की घटनाएं हुईं।
हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस विभिन्न साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस कर रही है गहन जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसके संपर्क में कितने लोग थे और क्या इस नेटवर्क में अन्य व्यक्तियों की भी भूमिका रही है।
कई पीड़िताओं के सामने आने की संभावना
जांच अधिकारियों का मानना है कि मामले के सार्वजनिक होने के बाद अन्य संभावित पीड़िताएं भी सामने आ सकती हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी है तो वह आगे आकर जांच में सहयोग करे।.
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि कैसे शिक्षित और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले लोग धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान का उपयोग कर लोगों का विश्वास हासिल कर लेते हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें, चाहे वह धार्मिक, आध्यात्मिक या सामाजिक पहचान रखने वाला ही क्यों न हो। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
