उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जिंदा इंसान पिछले 14 सालों से सरकारी कागजों में मृत दर्ज है। अपनी पहचान और हक की लड़ाई लड़ने के लिए यह व्यक्ति जिला अधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचा, जहां उसका अनोखा विरोध देखने को मिला।
पीड़ित व्यक्ति गले में माला, बदन पर कफन और हाथ में न्याय की गुहार लेकर अधिकारियों के सामने खड़ा हुआ। उसने कहा—“साहब, मैं जिंदा हूं… लेकिन सरकारी कागजों में मुझे 14 साल पहले ही मृत घोषित कर दिया गया।”
बताया जा रहा है कि पीड़ित स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी है और लगातार ड्यूटी करता रहा है। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ वह अपनी पेंशन बैंक से निकाल रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजस्व विभाग ने उसे मृत घोषित कर उसकी 0.770 हेक्टेयर जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी।
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित कर देना न सिर्फ उसकी पहचान छीनना है, बल्कि उसके अधिकारों का भी खुला हनन है।
फिलहाल पीड़ित पिछले 14 वर्षों से अपनी पहचान साबित करने के लिए दर-दर भटक रहा है और अब उसने DM ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को कब तक इंसाफ मिल पाता है।
