हिंदू मान्यताओं के अनुसार खरमास वह अवधि होती है जब मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब सूर्य की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है और इसी समय को खरमास कहा जाता है।साल 2026 में सूर्य 15 मार्च को सुबह 1:08 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही खरमास की शुरुआत मानी जाएगी। यह अवधि लगभग एक महीने तक चलेगी और 14 अप्रैल को सूर्य के Aries में प्रवेश करते ही समाप्त हो जाएगी।ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शादी-विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय शुरू करना, संपत्ति या वाहन खरीदना और अन्य मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि सूर्य की कमजोर स्थिति के कारण इस समय शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं और उनका पूरा फल नहीं मिल पाता।इसी वजह से खरमास के पूरे महीने में लोग बड़े और शुभ कार्यों को टालकर पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देते हैं।
खरमास में क्यों टाल दिए जाते हैं मांगलिक कार्य? जानिए ज्योतिष का कारण
