
क्यों अहम मानी जा रही है बैठक?
मातोश्री में होने वाली यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब विपक्षी दलों के भीतर अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं | हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस में कुछ सांसदों की नाराजगी की चर्चा रही. इससे पहले आम आदमी पार्टी में भी सांसदों के पाला बदलने की खबरों ने विपक्षी खेमे की चिंता बढ़ाई थी. ऐसे में उद्धव ठाकरे की यह बैठक संगठन की एकजुटता के लिहाज से अहम मानी जा रही है |
“न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, UBT के राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता संजय राउत ने बैठक की पुष्टि की है | उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे समय-समय पर सांसदों, विधायकों, पार्षदों और दूसरे पदाधिकारियों के साथ बैठक करते रहते हैं | संसद का मानसून सत्र आने वाला है, इसलिए महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी |”
शिंदे गुट ने दावों को बताया बकवास
वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ जैसी किसी भी चर्चा को पूरी तरह खारिज किया है | शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कहा कि ऐसा कोई अभियान नहीं चल रहा है और न ही उनकी पार्टी को किसी को तोड़ने में दिलचस्पी है | उन्होंने कहा कि अभी चुनाव नहीं हैं और सरकार के पास पहले से पूरा बहुमत मौजूद है |
लोकसभा में इस समय UBT के 9 सांसद हैं, जबकि शिंदे गुट के पास 7 सांसद हैं. ऐसे में मातोश्री में होने वाली यह बैठक महाराष्ट्र की सियासत में नई चर्चाओं को जरूर हवा दे रही है |
संक्षेप में: ‘ऑपरेशन टाइगर’ ने उद्धव ठाकरे की नींद उड़ा दी है। मातोश्री में सांसदों की फौरन बुलाई गई बैठक साफ़ संकेत है कि महाविकास अघाड़ी में हलचल तेज़ हो गई है। आगे क्या होगा? जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर बुकमार्क करें और नोटिफिकेशन ऑन करें।
