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पार्टी तोड़ेंगे या इस्तीफा देंगे? ममता से बागी हुए 20 सांसदों के सामने क्या विकल्प – mamata baerjee political crisis tmc member of parliament rebel political option ntcpkb – Prime Bharat News

08 Jun 2026 · 12:20 PM ·

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत की आग अब संसदीय दल तक पहुंच गई है। करीब 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई है। वहीं, राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी और सदन की सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया है। इस बीच, बागी विधायकों के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने साफ कर दिया है कि अब और अधिक सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं।

🔥 ब्रेकिंग: TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर एनडीए का दामन थामने का संकेत दिया है। सुखेंदु शेखर राय पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।

📜 20 सांसदों का खुला विद्रोह

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पुष्टि की कि उन्होंने और उनके 19 अन्य साथियों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अपने राजनीतिक भविष्य को एनडीए के साथ जोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, “हमने बंगाल में चुनाव परिणाम स्वीकार कर लिया है, हमें लगता है कि हमारा भविष्य एनडीए के साथ होना चाहिए”

इससे पहले, राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने TMC और राज्यसभा की सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया था, जिसे सभापति ने स्वीकार कर लिया।

🗣️ ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा

बागी विधायकों के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि राय का इस्तीफा व्यक्तिगत असंतोष नहीं, बल्कि पार्टी के खिलाफ बढ़ती “इच्छाओं की एकता” को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “कोलकाता से दिल्ली की दूरी मात्र 1,435 किलोमीटर है, और असंतुष्ट TMC सांसदों की संख्या बढ़ने की पूरी संभावना है। यह विकास अब किसी भी समय हो सकता है”

📊 तथ्य: TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 (लगभग 70%) विद्रोही माने जा रहे हैं – जो दल-बदल कानून के तहत नए दल के गठन के लिए पर्याप्त है।

🤝 बागी सांसदों की गुप्त बैठकें और बंद मोबाइल

जहां ममता बनर्जी INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में थीं, वहीं बागी सांसदों का एक समूह राजधानी में ही एक अज्ञात स्थान पर गुप्त बैठक कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, करीब 20 सांसदों ने एक साथ मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा की। इतना ही नहीं, कई TMC सांसदों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व उनसे संपर्क करने में असमर्थ रहा है।

⚖️ बागियों के पास क्या-क्या विकल्प हैं?

🥇 1. एनडीए का दरवाजा खटखटाना

बागी सांसदों का एक बड़ा वर्ग भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने के पक्ष में है। सूत्रों के अनुसार, कुछ सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर भी पहुंचे थे।

संभावना: उच्च

🏛️ 2. नया दल बनाना

सांसद अलग संसदीय दल बनाने पर विचार कर रहे हैं। दल-बदल कानून के तहत मौजूदा पार्टी से अलग होकर नया दल बनाने के लिए कुल सांसदों के दो-तिहाई बहुमत (19+) की जरूरत होगी – जो उनके पास है।

संभावना: मध्यम

📄 3. इस्तीफा और सीधा भाजपा का दामन थामना

यह सबसे कठोर विकल्प है, जहां सांसद पहले अपनी सदस्यता से इस्तीफा दें, फिर उपचुनाव लड़ें। सुखेंदु शेखर राय के ताजा इस्तीफे ने इस कदम की संभावना को बल दिया है।

संभावना: कम

“मैं 15 महीनों तक संसद में आखिरी बेंच पर बैठा रहा और देखा कि कैसे नेताओं और आरटीआई कार्यकर्ताओं को सामने की सीटें दी जा रही थीं। संसदीय प्रदर्शन कभी मापदंड नहीं रहा।”
ऋतब्रत बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष, पश्चिम बंगाल विधानसभा

📜 बगावत की शुरुआत और ममता की बढ़ती मुश्किलें

यह बगावत अचानक नहीं हुई है। TMC में यह संकट पार्टी की विधानसभा चुनाव हार के बाद से गहरा रहा है। पिछले महीने ही विधानसभा के 80 सांसदों में से 58 ने बागी तेवर अपनाते हुए ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुन लिया था और विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा भी दे दिया था।

इसके अलावा, ममता के करीबी सहयोगी और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे की अटकलों और अभिषेक बनर्जी को ईडी के समन ने ममता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

🧠 विशेषज्ञों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TMC के समक्ष यह सबसे बड़ा संकट है, जो 1998 में पार्टी की स्थापना के बाद कभी नहीं देखा गया। एक विशेषज्ञ के अनुसार, “ममता बनर्जी ने 15 सालों तक बंगाल की राजनीति पर जो दबदबा बनाया था, वह 35 दिनों में ढह गया”। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ममता बनर्जी इस संकट से कैसे निपटती हैं और बागी सांसदों का अगला कदम क्या होता है।

🕒 अपडेट: इस खबर के प्रकाशन तक ममता बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। केंद्रीय नेतृत्व मामले पर नज़र बनाए हुए है।

प्राइम भारत न्यूज़ इस मामले पर पूरी नज़र बनाए हुए है। सभी नवीनतम अपडेट के लिए हमसे जुड़े रहें।